Thursday, June 30, 2011

Congress unfaced

भट्टा-परसौल में बलात्कार संबंधी राहुल का बयान फर्जी निकला

राहुल गाँधी को भारतीय महिलाओ के अपमान का हक़ किसने दिया है ??

राहुल गाँधी का पालन पोषण एकदम इटालियन संस्कृति में हुआ है और बचपन में सोनिया गाँधी ने उनको इटालियन सभ्यता सिखाने के लिए इटली से खासतौर से कई इटालियन आयाओ की फ़ौज बुला रक्खी थी .. जिसका असर अब दिखाई दे रहा है । क्या उनको मालूम नहीं है की भारतीय महियाओ के आत्मसम्मान क्या होता है ? उन्होंने किस सुबूत पर मीडिया और प्रधानमंत्री को बोला की भट्टा परसौल गाँव में कई माहिलायो से बलात्कार हुआ है .. क्या उनके पास इसका कोई सुबूत है ? क्या वो किसी भी महिला का सामने ला सकते है जो बोले की उसले साथ बलात्कार हुआ है ??
अब राहुल बाबा का पूरा दाव उल्टा पड़ गया है . खुद भट्टा परसौल गाँव के लोग ही राहुल गाँधी से बहुत नाराज है । गाँव के लोग और महिलाये अब खुलकर बोलने लगी है की राहुल गाँधी को सिर्फ और सिर्फ यूपी की सत्ता ही दिख रही है किसानो की तकलीफ नहीं ।
गाँव की कई महिलाओ ने बोला की राहुल गाँधी को ये बोलने के पहले सोचना चाहिए की उनके ऐसा बोलने से क्या कोई भट्टा गाँव की लडकियो से शादी करेगा ? क्या अब इस गाँव की महिलाये पहले की तरह अपना सर उठा कर चल सकेंगी ? अब उनका वैवाहिक जीवन राहुल गाँधी के इस बयान से प्रभावित नहीं होगा ??

दरअसल राहुल गाँधी का किसान प्रेम खालिस चुनाव रणनीति है । .छल,कपट,धूर्त्तता,अह्सानफरामोशी,झूठ बोलना,नाटकबाज़ी , चापलूसी ,स्वार्थी नीचता जैसे गुण वैसे भी हर कांग्रेसी नेता में होने आवश्यक हैं और सफल राजनैतिक परिवार की पाँचवीं पीढ़ी के रोशन चिराग़ राहुल गाँधी जो भविष्य के प्रधानमंत्री भी हैं में ये गुण तो कूट-कूट भरे होंगे ही ,क्योंकी सोनिया गाँधी ने अपने पुत्र में कांग्रेसी संस्कार कूट कूट कर भरे होंगे ।
राहुल गाँधी का किसान प्रेम एक दम झूठा है. यदि वास्तव में उनकी या उनकी पार्टी की जनता जिसमें किसान भी शामिल है हमदर्दी होती तो देश की जनता बढती महंगाई से इतनी नहीं जूझती.। ये कोरा चुनावी स्टंट है. जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आते जायेंगे वैसे-वैसे राजनीतिक भेरुपिये विभिन्न मुद्राओ में मतदाताओं को रिझाने के लिए घर-घर पहुँचेंगे ।
क्या उनके पास इस बात का कोई जबाब है की 60 साल तक राहुल गाँधी की पार्टी ने भारत पर राज किया तो फिर land aquisition act 1885 में कांग्रेस ने कोई बदलाव क्यों नहीं किया ? ये कानून 1885 से आज तक चला आ रहा है .. इस कानून को अंग्रेजो ने देश में रेल , कारखाने और खानों के लिए बनाये थे ।

राहुल गाँधी महारास्त्र के जैतापुर में क्यों नही धरना देते ? क्या जैतापुर के किसान ,किसान नहीं है ? क्या उनका खून भट्टा गाँवो के किसानो से सस्ता है ?
राहुल एक नौटंकिबाज आदमी है. उसे नेता या अभिनेता कहना बेकार की बात है. वह नेता इसिलिये है कि वह सोनिया का बेटा है अन्यथा उसका अपना कोई अस्तित्व नही है और अभिनेता इसिलिये नही है कि अब इसके लिए वह बूढ़ा हो गया है।। हाँ दिग्विजय जैसे ओछी हरकत करने वाला कांग्रेसी नेता को देख कर वह भी कुछ नाम कमाना चाहता है.। शुरूआत अच्छी है. देखे आगे क्या होता है. ऐसे ये कहते चले कि अभी वह केवल नौटंकी कर रहा है ।

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